वक्त फिसलता है रेत की तरह , लोग सम्भालना भूल जाते हैं , अक्सर जब हम होते हैं लक्ष्य के आस-पास , पहचानना भूल जाते हैं . . . जिंदगी से जद्दोजहद मे अक्सर जब हमें मनोवांछित सफलता नही मिलती तो हम प्रयास करना ही बंद कर देते हैं। दोस्तों जिंदगी अक्सर हमारा इम्तिहान लेती है। कुछ लोगों को सफलता आसानी से मिल जाती है पर इसका ये मतलब नही कि हम सफल नही हो सकते हैं। संघर्ष जितना कठिन होगा , सफलता उतनी ही बड़ी होगी । आपने गाँव की झोपड़पट्टी को देखा होगा। यहाँ के लोग अक्सर अपने लक्ष्य भी छोटे रखते हैं क्योंकि बड़े लक्ष्य के लिये इन्हे संघर्ष भी बहुत बड़ा करना होता है। ये लोग ही होते हैं जो बड़े बड़े महलों , मल्टीप्लैक्स , अपार्टमेंट आदि का निर्माण करते हैं। क्या इन बिल्डिंगो का निर्माण उतनी ही आसानी से हो जाता है , जितनी आसानी से झोपड़ियों का निर्माण हो जाता है ???? नही !!!!!!!!!! अक्सर बड़े लक्ष्य के लिये ना सिर्फ कठिन परिश्रम करना होता है बल्कि ये संघर्ष भी लम्बा होता है . . . आपने गुलाब तो देखा होग...
इस ब्लॉग पर प्रस्तुत समस्त लेखन-सामग्री "बिपिन कुमार चौधरी" का अपना मौलिक सृजन है। प्रकाशित सामग्री के किसी भी अंश को किसी भी प्रयोजनार्थ लेने से पूर्व लेखक की अनुमति अनिवार्य होगी। सम्पर्क हेतु इस मेल आइडी का प्रयोग करें - bipinkrchoudhary1@gmail.com
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें